Wednesday, May 4, 2011

करता है......

कुछ करने का मन करता है,
पर न जाने किस बात से ये दिल डरता है
कोई कर न सके जिस सवाल को
क्यूं फिर भी तू,
उसके जवाब का इंतज़ार करता है।

कुछ करने का मन करता है,
पर न जाने किस बात से ये दिल डरता है
दूसरों पर ऐतबार करता है
और खुद अपनी दुआओं से डरता है।

कुछ करने का मन करता है,
पर न जाने किस बात से ये दिल डरता है
यह रास्ता तो तूने ही चुना था
फिर क्यूं अब
सफ़र ख़त्म होने का इंतज़ार करता है।

कुछ करने का मन करता है,
पर न जाने किस बात से ये दिल डरता है,
कल का तो तू इंतज़ार करता है
पर, रात न गुज़रने की भी बात करता है।

कुछ करने का मन करता है,
पर न जाने किस बात से ये दिल डरता है
बिना बोले जो समझे तेरे दिल की बात
क्यूं उन सुनने वालों का अब तक इंतज़ार करता है।

- सपन कुमार मिश्रा

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